पहली मोहब्बत

 पहली मोहब्बत

 

जब प्यार किसी का जबां पे होता है

ये दुनिया मीठी और हम प्यासे लगते है

 

रफ्ता-रफ्ता प्यार की गहराई में चांद सितारे दिखने लगते है

हर दौर के किस्से अपने प्यार की परछाई लगने लगते है

 

एक दिन की दूरी बरसों का इंतजार बनने लगता है

कई दिवानों की टोली में अपना प्यार ही जग जाहिर सा लगता है

 

जब प्यार किसी का अहसास अपना बनने लगता है

ये दुनिया प्यारी बन हम महसूस उसे करने लगते है

 

सांचे में गढता प्यार ये सूरत प्रेम के दोनों पंछी बनने लगते है

कहीं पुरानी मुरत के जोडे में अपने प्रेम की सूरत प्रेमी बनने लगते है

 

व्याकुल नजरों की अधीरता से हर पल इंतजार अपने प्यार का रहता है

कुछ छुट गया जो पीछे मन सच में बेचैन पागल सा होकर तडप उठता है

 

नयी पुरानी बातें दिल की एक छलांग से दूजे दिल का रस्ता तय करती

मन की बेफिक्री से निकले सभी अरमानों को दिल का रस्ता ये बनाती

 

जब प्यार किसी का तडप कर अपना बनने लगता है

ये दूनिया हसीन बन हर कोई आवाज हमें देने लगता है 

 

 समंदर की गहराई को चखते चखते आसमां अपना लगने लगता है

कोई साथ हो अपने पास सब अपना उजला तारा लगने लगता है

 

प्यार की सदियों बात पुरानी नयी कहानी अपनी बन जाती है

प्यार का सुंदर ताज वो नये प्यार के सर पर सजने लगता है

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